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चंद्रमौलेश्वर मंदिर एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन

एक भव्य मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है और जहाँ एक ही पवित्र स्थल पर सभी 12 ज्योतिर्लिंगों का दुर्लभ दर्शन संभव होगा। मंदिर पारंपरिक वास्तुकला के सिद्धांतों का पालन करेगा और यहाँ प्रतिदिन पूजा, विशेष यज्ञ एवं आध्यात्मिक प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।

विश्वविनीत यज्ञशाला (अनुमानित लागत: ₹15 लाख)

अनुष्ठान, हवन और यज्ञ के लिए समर्पित पवेलियन, जो आध्यात्मिक कल्याण और पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देगा। यह हॉल छोटे से मध्यम समुदायिक अनुष्ठानों और वैदिक प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त होगा।

विश्वम्भर गौशाला (अनुमानित लागत: ₹15 लाख)

गायों के लिए एक पवित्र आश्रय स्थल, जिसमें आवास, चारा, चिकित्सा सुविधा और सेवा के प्रावधान होंगे। यह गौशाला बच्चों और आगंतुकों के लिए मूल्य शिक्षा का केंद्र भी बनेगा, जहाँ वे गौ रक्षा और ग्रामीण पारिस्थितिकी के बारे में सीख सकेंगे।

स्मृतिक मणि एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर (अनुमानित लागत: ₹60 लाख)

एक अनूठा डिजाइन किया गया मंदिर, जो वैदिक प्रतीकों को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़ता है। इसे भक्ति और ज्ञान का एक प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है।

आश्रम परिसर (मास्टर प्लान)

एक शांतिपूर्ण परिसर जिसमें सत्संग/प्रवचन हॉल, पुस्तकालय एवं अध्ययन कक्ष, अतिथि आवास, अन्नपूर्णा प्रसाद गृह, बगिचे, पथ और योग एवं ध्यान के लिए स्थान होंगे।